Banking नई खबर

नया साल आने से पहले बढ़ेगी कैश की किल्लत- 5 दिन बैंक बंद

लोग नए साल का स्वागत करने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गए है। नए साल का स्वागत हर कोई अपने ढंग से करना चाहता है।  नए साल की तैयारियों में विघ्न डालने के लिए आपको कॅश की किल्लत हो सकती है। लेकिन आपको बता दे कि 20  दिसंबर के बाद 5 दिन तक बैंक बंद रहेंगे।  लोगो को काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ सकता है।  क्युकी इस दौरान एटीएम में भी कैश की कमी हो सकती है।

अभी आपके पास तीन दिन बचे है। आप इन  तीन दिनों में जरुरत की रकम एटीएम से निकाल कर घर पर रख सकते है। अभी आपके पास तीन दिन बचे है। आप इन  तीन दिनों में जरुरत की रकम एटीएम से निकाल कर घर पर रख सकते है। सभी बैंक 20 दिसंबर तक सही तरीके से काम करेंगे।  लेकिन 21 से 26 दिसंबर के बीच केवल एक दिन बैंक में कामकाज हो पाएंगे।

पांच दिन बैंक बंद होने की वजह क्या है ?

21 दिसंबर को शुक्रवार है, बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। बैंक हड़ताल के चलते देशभर के सभी सरकारी बैंक बंद रहेंगे।  इस दौरान प्राइवेट बैंको में कामकाज होगा।अब बात करते है 22 दिसंबर की,  उस दिन चौथा शनिवार होने की वजह से सभी बैंको में अवकाश होगा। इसके बाद 23 दिसंबर को रविवार की वजह से बैंक बंद रहेंगे। बताया जा रहा है की केवल 24 दिसंबर को बैंक में सामान्य तरीके से काम काज होंगे।  उसके बाद में 25 को क्रिसमस की वजह से सभी बैंको में अवकाश रहेगा।उसके बाद में 26  दिसंबर को बैंक कर्मचारियों  यूनाइटेड फोरम की हड़ताल के कारण सभी सरकारी बैंक बंद रहेंगे।

यही वजह है जिसके चलते 21 दिसंबर से लेकर 26 दिसंबर ताकि यानी की 6 दिनों तक बैंक बंद रहेंगे।  इनमे से बस एक ही दिन बैंक खुलेंगे। लेकिन बाकी के 5 दिनों में हड़ताल वाले दिन प्राइवेट बैंक खुलेंगे। सार्वजनिक अवकाश पर तो प्राइवेट बैंक भी बंद रहेंगे।

बैंक कर्मचारियों की मांग

इसी के साथ ही बैंक कर्मियों के वेतनमान में केवल 8 फीसदी वृद्धि करने के विरोध में बैंक यूनियन ने 21 और 26 दिसंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।   सूत्रों के मुताबिक पता लगा है कि बैंक कर्मचारियों की मांग है कि उनकी सैलरी सातवे पे स्केल के स्तर पर की जाए।

Related posts

नरक चतुर्दशी

Admin

क्या आपके भी पैसे नहीं बच पाते इन तरीको को अपना कर करे पैसों की बचत

Admin

अल्जाइमर का खतरा बढ़ा- जानिये इस बीमारी के लक्षण और बचाव

Admin

8 comments

Comments are closed.