अगर आपकी भी याददाश्त कमजोर है तो, करे भद्रासन

अगर आपकी भी याददाश्त कमजोर है तो, करे भद्रासन

अगर आपको भी बार बार बाते भूलने की आदत है। आप किन्ना ही चाहे लेकिन कुछ याद नहीं रख पाते। कही ऐसा ना हो की अपनी याददाश्त की कमजोरी की वजह से आप एक दिन अपने घरवालों को भूल जाये। यह बहुत ही घातक बीमारी है इसका समय पर इलाज जरुरी है। अगर आप भी इस समस्या से झूझ रहे है। तो अपनी भागदौड़ भरी ज़िन्दगी से थोड़ा सा समय निकाले। और उस समय में भद्रासन करे।  भद्रासन करने से आपकी कमजोर याददाश्त की समस्या जल्दी ही ठीक हो जाएगी। फिर आप सब कुछ याद रख पाएंगे।

भद्रासन योग करने का सही तरीका

भद्रासन योग है जो की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। भद्रासन करने के लिए सबसे पहले निचे चटाई बिछाइये। उसके बाद उसके ऊपर घुटनो के बल खड़े हो जाईये। इस पोजीशन में आने के बाद अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़कर पीछे की ओर ले जाकर नितम्ब के नीचे रखें। फिर बाएं पैर को भी घुटने से मोड़कर पीछे की ओर ले जाकर नितम्ब के नीचे रखें।

घुटनों को आपस में मिलाकर जमीन से सटाकर रखें तथा पंजे को नीचे व एड़ियों को ऊपर नितम्ब से सटाकर रखें। अब अपने पूरे शरीर का भार पंजे व एड़ियों पर डालकर बैठ जाएं। इसके बाद अपने दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें और बाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़ लें।

इसके बाद में सांस को अंदर की ओर खींचे और सिर को आगे की ओर झुकाकर कंठ मूल से सटाकर रखे। एवं कंधे को ऊपर खींचते हुए आगे की ओर करें। अब नाक के अगले भाग को देखते हुए भद्रासन का अभ्यास करें। इस सामान्य स्थिति में जब तक रहना सम्भव हो रहें और फिर जालन्धर बंध हटाकर सिर को ऊपर करके सांस बाहर छोड़ें। पुन: सांस को अंदर खींचकर जालन्धर बंध लगाएं और भद्रासन का अभ्यास करें।

भद्रासन से जुड़े अनेक लाभ

इस आसन से शरीर फूर्तिला और फिट रहता है। दिमाग तेज चलता है। कल्पनाशक्ति का भी विकास होता है। चंचलता कम होती है। पाचन शक्ति बढ़ती है। स्नायु तंत्र मजबूत होता है। कमर का दर्द, सिर दर्द, अनिद्रा, दमा, बवासीर, उल्टी, हिचकी, अतिसार,आंखों की बीमारियां आदि असंख्य रोगों में इस आसन से लाभ होता है।

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