कुम्भ के मेले के बजाय संगम किनारे देखने को मिले राम मंदिर की मांग के पोस्टर

कुम्भ के मेले के बजाय संगम किनारे देखने को मिले राम मंदिर की मांग के पोस्टर

प्रयागराज को तीर्थ नगरी माना जाता है।  और इसी महीने कुम्भ का महापर्व शुरू होने वाला है।  लेकिन प्रयागराज में कुम्भ मेले की उत्सुकता के साथ राम मंदिर की मांग भी देखने को मिली। जी हाँ !!

गंगा और यमुना के किनारे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण करने वाले पोस्टर नजर आये है।सूत्रों के माने तो पता लगा है कि कुम्भ मेले की शुरुआत होने के बाद ३१ जनवरी को विश्व हिन्दू परिषद द्वारा प्रयागराज में ही धर्म संसद बुलाई गई है।

2019 में मंदिर नहीं तो मोदी भी नहीं – संत समाज

यह बात भी सामने आई है कि विश्व हिन्दू परिषद् की ओर से प्रयागराज में बुलवाई गई धर्म संसद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा हो सकती है। प्रयागराज में साधू संतो ने बीजेपी के खिलाफ अपनी नाराज़गी को सबके सामने जाहिर किया है। नाराजगी की वजह यह है कि केंद्र सरकार में आये हुए नरेंद्र मोदी को चार साल और साथ महीने हो गए है।  लेकिन उनने राम मंदिर को लेकर अभी भी कोई ठोस कदम नही उठाये है।

और तो और संतो  ने यह तक कह दिया है कि अगर 2019 में मंदिर  नहीं बना तो मोदी भी नहीं। उसी के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्यादेश लाये जाने से इंकार कर दिया  है। इस बात से संत समाज ने भी मोदी सरकार से नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री का विरोध किया और तिरस्कार किया। प्रयागराज में संगम किनारे राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ी संख्या में पोस्टर दिखाई पड़ रहे हैं।

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