फिल्म रिव्यु- नोटबुक

फिल्म रिव्यु- नोटबुक

फिल्म: नोटबुक

कैसी है: रोमांटिक

कलाकार: जहीर इक़बाल, प्रनुतन बहल

निर्देशक: नितिन कक्कर

कहानी

नोटबुक फिल्म आज रिलीज़ हो गई है। यह फिल्म सलमान खान के निर्देशन में बनी है। इस फिल्म में जरिये फिल्म इंडस्ट्री में दो नए कलाकारों ने कदम रखा है। नोटबुक एक रोमांटिक फिल्म है।  इस फिल्म में हर एक सीन को बहुत ही रोमांटिक अंदाज़ में पेश किया गया है।  चाहे वो पुराना जमाना हो या फिर अभी की बात हो ज्यादातर प्रेमियों को ऐसा करते देखा गया है कि वो किताबो के जरिये या फिर पन्नो के जरिये अपना काम सांझा किया करते थे।कहानी

नोटबुक फिल्म आज रिलीज़ हो गई है। यह फिल्म सलमान खान के निर्देशन में बनी है। इस फिल्म के जरिये फिल्म इंडस्ट्री में दो नए कलाकारों ने कदम रखा है। नोटबुक एक रोमांटिक फिल्म है।  इस फिल्म में हर एक सीन को बहुत ही रोमांटिक अंदाज़ में पेश किया गया है।  चाहे वो पुराना जमाना हो या फिर अभी की बात हो ज्यादातर प्रेमियों को ऐसा करते देखा गया है कि वो किताबो के जरिये या फिर पन्नो के जरिये अपना काम सांझा किया करते थे।

Notebook Movie Poster

प्रेमी जोड़े अपने अपने हिस्से का प्यार किताबो और पन्नो पर लिखा करते थे।  जो बाते एक दूसरे से ना कह पाते थे वो भी पन्नो के जरीये जाया करते थे। लेकिन जैसा कि हम जानते है आज कल दुनिया बहुत ही ज्यादा डिजिटल हो गई है। तो इस डिजिटल वर्ल्ड में कहा किसी के पास टाइम है कि वह अपनी बाते पन्नो पे बयान करे। नोटबुक फिल्म उन लोगो के लिए है जिन्होंने इस तरह से अपनी प्रेम कहानी को पन्नो पर बयान किया है। यह फिल्म आपको अपनी यादों के बेहद करीब ले आएगी।

नोटबुक फिल्म में रोमांटिक सीन्स पर ज्यादा काम किया गया है। प्यार के रंगो को अलग अलग तरीके से पेश करने की कोशिश  की गई है। इस फिल्म की कहानी को कोई भी आसानी से समझ जाएगी।  क्योकि  कहानी बहुत ही सरल है और साधारण भी।

इस फिल्म की शूटिंग कश्मीर में हुई है। इसी के साथ इस फिल्म में झील के बीच में एक बहुत ही खूबसूरत सा स्कूल बना हुआ है।  नोटबुक फिल्म में जहीर इक़बाल, कबीर की भूमिका निभा रहे है वही दूसरी ओर प्रनतन बहल, फिरदौस की भूमिका निभा रही है। अगर हम इस फिल्म की बात करे तो यह ओवरआल अच्छी है।  लेकिन फिल्म में ज्यादा रोमांस फिल्माने के चक्कर में ड्रामा पीछे छूट गया है।भारतीय फिल्मो में जितनी तलाश रोमांटिक सीन्स की होती गई दर्शको को उतनी ही तलाश होती है ड्रामे की, ह्यूमर की।

इस बात का पूरा महत्व यह निकलता है कि नोटबुक फिल्म में प्यार को मासूमियत और सरलता से दिखाया गया है।  लेकिन अगर आप प्यार की गहराइयो में घुसने की कोशिश करोगे तो यह फिल्म आपको ढीली लगेगी।

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