लुका छुपी फिल्म रिव्यु – रोमांस के साथ कॉमेडी का तड़का

लुका छुपी फिल्म रिव्यु – रोमांस के साथ कॉमेडी का तड़का

  • फिल्म– लुका छुपी
  • कलाकार– कार्तिक आर्यन, कृति सेनन, अपरशक्ति खुराना, पंकज त्रिपाठी, विनय पाठक
  • निर्देशक– लक्षमण उतेकर

रोमांटिक फिल्मो की गिनती में तो हमारे भारत में गिनी चुनी फिल्मो ने जगह जीत रखी है। भारतीय फिल्मो में हमेशा रोमांस को हमेशा ड्रामेटिक अंदाज में फ़रमाया जाता है। भारत में अगर कोई किसी से प्यार करले तो उसे शक की निगाहो से देखा जाता है।

उसके चरित्र पर सवाल उठाए जाते है। अगर किसी को किसी से प्यार हो जाता है तो यह हमारे समाज को हजम कहा होता है। इसी के साथ आज कल बदलते ज़माने के साथ कोई लीव इन में रहता है तो उसको तो ऐसे देखा जाता है कि उसने किसी का क़त्ल कर दिया हो।  तो पूरी बात  का सार यह निकलता है कि प्यार करने वालो के पास एक ही रास्ता बचता है। वो रास्ता हर कोई जानता ही होगा।  नहीं जानते?

तो हम बता देते है – छुप कर प्यार करना। लेकिन इस रास्ते में हमेशा मन में एक खौफ बना रहता है कि किसी को पता तो नहीं लग जायेगा न, धर्मो से जुड़ा खौफ। तो इन्ही सभी परेशानियों के बीच में प्यार कैसे जिन्दा रह सकता है? इसी बात को दर्शाने के लिए लक्ष्मण उतेकर की फिल्म बनी है “लुका छुपी”।

Luka Chuppi

इस फिल्म में कार्तिक आर्यन गुड्डू का किरदार निभा रहे है एवं कृति सेनन रश्मि का किरदार निभा रही है। यह दोनों भी चुप कर प्यार करते है। इसी बात को हाईलाइट करता है इस फिल्म का टाइटल।

इस फिल्म का अहम मकसद यह दर्शाना है कि आज के नए युग में भी लिव इन में रह रहे प्रेमियों के प्रति समाज का बर्ताव कैसा है। किस तरह से घरवाले युवाओ के ऊपर शादी थोप देते है। इसी के साथ कैसे प्यार के लिए आये दिन क़त्ल होते है। कैसे किसी अनजान के साथ शादी के बंधन में बंध जाते है बिना एक दूसरे को अपनाए। इस फिल्म में यह  बात बहुत अच्छे से समझाई गई है कि रिलेशनशिप कोई खेल नहीं है ना ही कोई समझौता है। शादी और प्यार दोनों बहुत ही अलग अलग चीज़े है एवं शादी से पहले लिव इन में रहना कोई गुनाह नहीं है। इन बातो पर फिल्म में बहुत गौर किया गया है।

फिल्म लुका छुपी कहानी

Luka Chuppi Movie

यह फिल्म हमें सबसे पहले ले चलती है मथुरा की गलियों में जहा रहता है गुड्डू माथुर जो की पेशे से एक टेलीविज़न रिपोर्टर है। गुड्डू को रश्मि नाम की एक लड़की से प्यार हो जाता है। रश्मि के पिता नेता त्रिवेदी जी है जो की कट्टर हिंदूवादी है इसी के साथ पुरानी धारणाओं से भरे हुए है। त्रिवेदी जी को उन लोगो से बहुत नफरत है जो कि लिव इन में रहते है।

रश्मि गुड्डू से प्यार तो करती है लेकिन वो शादी नहीं करना चाहती।  क्योकि वो उस  लड़के को जान लेना चाहती है जिसके साथ उसको अपनी सारी उम्र बितानी है। रश्मि एक ऐसी लड़की है जो अपने पिताजी का प्रकोप और खौफ दोनों जानती है लेकिन बावजूद उसके वो लिव इन में रहना चाहती है।  क्योकि उसको अपनी ज़िन्दगी से प्यार है और वो कोई समझौता नहीं करना चाहती है। लेकिन अगर हम बात करे गुड्डू की तो उनको थोड़ी शादी के मामले में जल्दी है।

अपने परिवार का खौफ उसी के साथ रश्मि के पिता का प्रकोप से बचने के लिए वो लिव इन में नहीं रहना चाहता। गुड्डू एक मिडिल क्लास फॅमिली से है।  जिस तरह से  देखा जाता है कि मिडिल क्लास परिवारों में बहुत से लोग होते है वैसी ही बड़ी  फैमिली गुड्डू की है। गुड्डू का परिवार समाज में इज्जत से रहना और अपनी मान और मर्यादा में रह कर जीवन बिताना पसंद करते है। इसी चीज़ पर गुड्डू की मदद करता है उसके साथ काम करने वाला दोस्त अब्बास।

लेकिन अब्बास ऐसी मदद करता है कि रायता और फ़ैल जाता है। इसी के साथ देखना दिलचस्प होगा कि लिव इन में रहने के लिए और शादी करने के लिए उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

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