लिवर के रोगियों के लिए अमृत का काम करती है यह चार चीज़े

लिवर के रोगियों के लिए अमृत का काम करती है यह चार चीज़े

हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग लिवर को माना जाता है।  अगर कभी लिवर ख़राब हो जाता है यो शरीर के काम करने की क्षमता भी बहुत कम हो जाती है और ना ही करे जाता। लेकिन अगर आप अपने खाने में नीचे बताई गई चार चीज़े शामिल करोगे तो बहुत ही कम समय में लिवर की बीमारियों से छुटकारा मिल जायेगा जैसे कि लिवर सिरोसिस, लिवर फिब्रोसिस, फैटी लिवर। आज के लेख में हम आपको ऐसी चीज़े बताने वाले है जिनके उपयोग से लिवर रोगियों को बहुत फायदा होगा।

लिवर की बीमारी के लिए चार रामबाण चीज़े

पपीता

Papaya

पपीता लिवर की कई बीमारियों से लड़ने के लिए बहुत ही अहम फल बताया जाता है। पपीता का सेवन लिवर की बीमारी के लिए सुरक्षित और प्राकर्तिक उपचार में से एक है।  खास कर की पपीता लिवर सिरोसिस के लिए बहुत फायदेमंद है।एक रिसर्च में ऐसा सामने आया है कि हर रोज पपीते के रस में आधा चम्मच निम्बू का रास मिलाकर पीना चहिये। लिवर की बीमारी से पूरी तरह से निजात पाने के लिए इस मिश्रण का सेवन दिन में तीन से चार सप्ताह तक करे।

आंवला

Amla

आंवला विटामिन सी के संपन्न स्रोतों में एक माना जाता है। आंवले का सेवन करने से लिवर की कार्यशीलता बनी रहती है। एक रिसर्च में इस बात की पुष्टि हुई है कि आँवले में लिवर को सुरक्षित बनाने के सभी तत्व मौजूद होते है। अगर आप लिवर को स्वस्थ रखना चाहते है तो एक दिन में कम से कम चार से लेकर पांच आंवले खाने चाहिए।

सेब का सिरका

Apple Cider Vinegar

लिवर में जो भी विषैले पदार्थ मौजूद होते है वो आप सेब के सिरके की मदद से बाहर निकाल सकते है। भोजन के पहले से जब सेब के सिरके को पीते है तो उससे पेट की चर्बी कम होती है। अगर आप सेब के सिरके का इस्तेमाल करना चाहते है तो इसको इस्तेमाल करने के कई तरीके होते है जैसे कि एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाये या फिर इस मिश्रण में एक चम्मच शहद मिलाए।  इस मिश्रण का सेवन दिन में दो से तीन बार करने से बहुत फायदा होगा।

निम्बू

Lemon

एक अच्छी तरह से पका हुआ निम्बू लेकर उसके दो टुकड़े कर लीजिये।  उसके बाद में उसके बीज निकाल कर आधे निम्बू के बिना काटे ही उसके चार भाग करे लेकिन ध्यान रहे कि टुकड़े अलग अलग ना हो। उसके बाद में एक भाग में तो काली मिर्ची का चूर्ण लगा ले, दूसरे भाग में काला नमक या फिर सैंधा नमक और तीसरी फाक के अंदर सोंठ का चूर्ण और चौथे में मिश्री या फिर शक्कर का चूर्ण भर दे।  ऐसा करने के बाद में रात को इन सभी को प्लेट में रख कर ढक दे। सवेरे भोजन करने से एक घंटा पहले इस निम्बू की फाक को मंदरी आंच पर या फिर तवे पे गुनगुना गरम करके चूस लेवे।

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