सुप्रीम कोर्ट के आर्टिकल 377 ख़त्म होने के बाद की बड़ी खबर

सुप्रीम कोर्ट के आर्टिकल 377 ख़त्म होने के बाद की बड़ी खबर

आज के लेख में हम आपको एक लव स्टोरी बताने वाले है। यह ऐसे प्रेमी जोड़े की कहानी है जो चाहते तो एक दूसरे को थे मगर शादी नहीं हो पाई। दोनों की शादी अलग अलग इंसान से हो गई।  लेकिन एक दिन दोनों ने अपने अपने पार्टनर को तलाक दे दिया।  और एक दूसरे से शादी कर ली।

यहां हम बात कर रहे है दो लड़कियों की जो यूपी की रहने वाली थी। इन दोनों को एक दूसरे के साथ प्यार करते सात साल हो गए थे। लेकिन कहते है न कि प्यार का दुश्मन जमाना होता है।  उसी तरह इनके समलैंगिक प्यार को किसी ने नहीं समझा न तो समाज ने ना ही कानून ने और न ही घरवालों ने। घरवालों ने जबरदस्ती इन दोनों लड़कियों की अलग अलग शादी करा दी। लेकिन ख़ास बात यह है इस खबर में कि शादी होने के बाद भी वो एक दूसरे को भूली नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही आर्टिकल 377 को खत्म कर दिया।इन दोनों महिलाओं ने अपने अपने पति को तलाक दे दिया और एक दूसरे के साथ हो गयी।

दोनों ने कर ली शादी और कहा कानूनी मोहर लगाओ…

एक लड़की की उम्र 21 साल है। और एक लड़की की उम्र 26 साल है। कहा जा रहा है कि एक तो सरकारी टीचर की बेटी है।  एवं दूसरी के पिता मजदूरी करते है। सूत्रों के मुताबिक पता लगा है कि 28 दिसम्बर के दिन दोनों रजिस्ट्रार ऑफिस में पहुंची। उन दोनों ने कहा कि उन दोनों ने शादी कर ली है।  एवं उनकी शादी पर क़ानूनी मोहर लगाई जाये।

सब रजिस्ट्रार रामकिशोर पाल ने इंडिया टुडे को बताया-

रामकिशोर पाल जो कि वहा के सब रजिस्ट्रार है। उनने बताया कि –

दोनों महिलाये हमीरपुर में साथ रह रही है। यह इलाका राठ पुलिस थाने में आता है। उनने बताया कि 28 दिसंबर को वो मेरे दफ्तर आई।  एक दूसरे को माला पहना कर उन दोनों ने शादी कर ली।

मगर रजिस्ट्रार आर के पाल ने दोनों की शादी का रजिस्ट्रेशन नहीं किया। वजह ये कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समलैंगिकों को प्यार करने, साथ रहने और शारीरिक संबंध बनाने का अधिकार मिल गया है।  मगर उनकी शादी के लिए फिलहाल कोई कानून नहीं बना है।

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